kavita
गोलकुंडा -------------------- सात परकोटों के पीछे रहते थे निजाम अपनी रियाया की परछाइयों से बहुत दूर तब भी अब भी रहते हें ज़ेड श्रेणी के सुरक्षा चक्र के बीच टेड़े मेडे रास्तों से बनाया गोलकुंडा का किला जहाँ कुछ भी न था वहाँ बस्तियां है जहाँ महल थे वहाँ खंडहर हैं ...